
परम्परागत तरीके से बच्चो ने भरी घरौंदे मे कुल्हिया चुकिया

गडहनी। प्रखण्ड से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया गया। दीपों के इस त्योहार पर लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी तो दूसरी ओर सोशल मीडिया पर भी बधाईयों का सिलसिला जारी रहा। दीपावली के अवसर पर जमकर लोगों ने खरीददारी की। प्रखंड क्षेत्र के गडहनी बाजार में भारी भीड़ देखने को मिली। वहीं घरों के आंगन में रंग-बिरंगी रंगोली भी अपनी खूबसूरती बिखेरते नजर आई। बताते चलें कि मान्यता है कि दीपावली के दिन घर के मुख्य द्वार पर बनी रंगोली से मां लक्ष्मी जल्द प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामना जल्द पूरी करती है।
लोगों ने रंगोली बनाने के लिए आटे, चावल के आटे, हल्दी, कुमकुम और रंग बिरंगी फूलों का इस्तेमाल कर बहुत सुंदर रंगोली बनाया। इस अवसर पर गुरूवार को दोपहर से लेकर देर रात तक घरो सहित दुकानों में विधिवत पूजा अर्चना कर प्रसाद वितरण किया गया। बच्चों ने भी दिपावली पर्व पर नये नये कपड़े पहनकर दीप जलाकर, मिठाई खाकर और पटाखे फोड़कर धूमधाम से दीवाली मनाई।

तीन दिवसीय प्रकाश का पर्व गुरूवार को अपनी प्रकाश की किरणों से प्रखण्ड क्षेत्र को जगमग करते रहा।लक्ष्मी गणेश के पूजन के साथ ही घरों मे मिट्टी के दीये मोमबतियाँ जलाये गये।झालरो से घरों को सजाये गये पटाखे फोड़े गये।परम्परागत रूप से छोटे छोटे बच्चों बच्चियों द्वारा घरोंदा बनाकर कुलिहा चुकिया भरी गई।मेवा मिष्ठान्न बाँटी गई।बच्चों द्वारा जगह-जगह पर विभिन्न प्रकार की रंगोली बनाकर पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, शुद्ध वातावरण हेतू वृक्षारोपण, सहित अनेक विन्दुओं पर ध्यानाकर्षण कर समाज को आत्म निर्भरता का संदेश दिया गया।इस अवसर पर शशि भूषण मिश्र ने कहा कि रंगोली जहाँ लोगों का ध्यान केन्द्रित करती है वहीं इसके माध्यम से हम सबको कुछ सीखने की प्रेरणा भी मिलती है।माँ लक्ष्मी धन की देवी है तो भगवान गणेश विघ्नहर्ता मंगलकारी हैं।

हम सबको प्रतिदिन शुद्ध आचार विचार से समाज कल्याण के साथ खुद के लिये भी इनकी पूजा अर्चना करनी चाहिए।दीपावली पर केवल घर की सफाई कर लेने से ही लक्ष्मी गणेश का वास नही होता है उसके अन्तरात्मा की शुद्धता स्वच्छता का भी होना आवश्यक है एवं भावनाओं को सुदृढ बनाकर ही हम इनकी कृपा को प्राप्त कर सकते है।






